भोपाल नगर निगम तम्बाकू नियंत्रण के लिए करेगा पहल

 भारत  सरकार  ने  तम्बाकू  आपदा  से  लोगों  को  बचाने  के  लिए  तम्बाकू  नियंत्रण  कानून कोटपा-2003 बनाया  है।  इस  कानून  की  धारा  4  के  अनुसार  सार्वजनिक  स्थानों  पर धूम्रपान  प्रतिबंधित  है  और अगर  कोई  सार्वजनिक  स्थानों  पर धूम्रपान  करता  है  तो  उसे 200 रूपये  तक  का  जुर्माना  किया  जा सकता  है। धारा  5 के अनुसार  किसी  भी  तम्बाकू  उत्पाद  का  विज्ञापन  या  प्रायोजन  प्रतिबंधित  है, धारा 6 अ  के अनुसार  नाबालिगों  को तम्बाकू  उत्पाद  बेचना  प्रतिबंधित  है, धारा  6 ब अनुसार  शैक्षणिक  संस्थानों  के 100  गज (300 फिट)  के  दायरे  में  तम्बाकू  उत्पाद  बेचना  प्रतिबंधित  है, धारा 7 के  अनुसार तम्बाकू  उत्पादों  के 85 प्रतिशत  हिस्से  पर  चित्रात्मक  स्वास्थ्य  चेतावनियाँ  अनिवार्य  है। यह  बात  तम्बाकू नियंत्रण  कानून  के  प्रभावी  क्रियान्वयन  के  लिए  मध्यप्रदेश  वॉलेन्ट्री  हेल्थ एसोसिएशन  द्वारा  इंटरनेशनल यूनियन अगेन्स्ट ट्यूबरक्यूलोसिस एंड लंग डिसिज के सहयोग से भोपाल नगर निगम के अधिकारियों के लिए आज आयोजित कार्यशाला में कही गई।
       कार्यशाला में एडिशनल कमिशनर नगर निगम श्री मयंक वर्मा ने कहा कि भोपाल में तम्बाकू नियंत्रण कानून पर नगर निगम सभी धाराओं का क्रियान्वयन करेगा। इसके लिए सभी अधिकारियों को  भी  निर्देशित  किया  गया है। तम्बाकू  उत्पादों  की  दुकानदार को भी तम्बाकू नियंत्रण कानून  लागू  करने  का  कहा गया है। 
            कार्यशाला में तम्बाकू नियंत्रण में भोपाल नगर निगम की भूमिका बताते हुए मध्य प्रदेश वॉलेन्ट्री हेल्थ एसोसिएशन के कार्यकारी निदेकश श्री  मुकेश कुमार सिन्हा द्वारा बताया गया कि सभी झोनल अधिकारियों को तम्बाकू नियंत्रण के लिए नोडल अधिकार बनाया जाए। 
.       वेन्डर लायसेन्सिंग के माध्यम से नगरीय निकायों में संचालित तम्बाकू उत्पादों की दुकानों को दिए जाने वाले लाइसेंस की शर्तों में तम्बाकू नियंत्रण की धारा 5, 6 एवं 7 का पूर्णतः पालन सुनिश्चित हो, यह भी  देखें की कोई भी तम्बाकू उत्पाद विक्रेता तम्बाकू उत्पादों की दुकानों पर कोई अन्य सामग्री जैसे टाॅफी, बिस्किट आदि विक्रय नहीं हो। इन दुकानों पर सिर्फ तम्बाकू उत्पाद ही बेचे जायेे और उल्लंघन की दशा में तम्बाकू उत्पादों की दुकानों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही हो। अन्य दुकानों से किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों की बिक्री नहीं हो।
     पूर्व लाईसेंसधारी वर्तमान में यदि होटल, बार, खाने के स्थल, रेस्टोरेन्ट इत्यादी ने तम्बाकू नियंत्रण कानून (COTPA 2003 ) की धारा के किसी भी मापदण्ड का उल्लंघन करते हैं तो उसके संबंध में उचित वैधानिक कार्यवाही हो एवं आवश्यकता पड़ने पर लाईसेंस निरस्त किया जाये। 
      होटल, बार, रेस्टोरेन्ट, काफी हाऊस एवं अन्य खाने के स्थानों पर यदि कोई धूम्रपान के लिये गैर तम्बाकू उत्पाद का प्रयोग करने का दावा करता है तो उस गैर तम्बाकू उत्पाद का सेम्पल राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी द्वारा लिया जाए।  स्मार्ट सिटी मिशन में सुनिश्चित करें कि तम्बाकू नियंत्रण कानून की धारा 4, 5, 6, 7 का पूर्णतः प्रतिपालन हो और स्मार्ट सिटी के सभी सार्वजनिक स्थल धूम्रपान मुक्त हो। 
    होटल, बार रेस्टोरेंट, काफी हाऊस एवं अन्य खाने के स्थानों अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर त्वरित कार्यवाही करें। सभी तम्बाकू थोक व्यापारियों को आदेश जारी कर यह सुनिश्चित करएंवकि वे स्वयं एवं अपने खुदरा व्यापारियों द्वारा धारा 5, 6 एवं 7 के मापदण्डों को पूर्ण करेंगे। जो व्यक्ति/संस्था/व्यावसायिक प्रतिष्ठान उक्त प्रावधानों का पालन नहीं करते है, उनके विरूद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही हो। स्वच्छ भारत अभियान में भी तम्बाकू नियंत्रण को शामिल हो।
        उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री तरुण पिथोड़े द्वारा भोपाल को तम्बाकू नियंत्रण कानून की धारा 4, 5, 6 एवं 7 के सम्मत बनाने के लिए कहा गया है। जिसमें भोपाल नगर निगम की भूमिका जरूरी है। आज सम्पन्न कार्यशाला में नगर निगम के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *